दिव्य सूत्र · प्रभु संदेश

आत्मा ही एकमात्र स्थायी सत्य है। अंग्रेज़ी, हिन्दी या मराठी में पढ़ें या सुनें।

आत्मा, दिव्य आत्मा अर्थात ईश्वर, इस संसार का एकमात्र स्थिर सत्य है।

प्रकृति निरंतर बदलती है, पर आत्मा अपरिवर्तित रहती है। उसका न आदि है न अंत; वह अमर है। आत्मा हम सबमें है और हमारे हृदय में निवास करती है।

आत्मा तक पहुँचने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग स्वयं में ध्यान करना है। ध्यान आत्मा से प्रेम करने की क्रिया है।

आत्मा निराकार है, और वह सद्गुरु के द्वारा दृश्य होती है, जिनका हृदय में ध्यान करना चाहिए।

आत्मा किसी एक धर्म या जाति की नहीं है। ईसा मसीह, गुरु नानक, मुहम्मद, कृष्ण, महावीर और गौतम बुद्ध सभी ने आत्मा पर ध्यान करके आत्म-साक्षात्कार पाया।

यहाँ आत्मा की उपासना होती है, और सद्गुरु आत्म मालिक माऊली के साथ इस आनंदमय यात्रा में हर साधक का स्वागत है।

अंग्रेज़ी में दिव्य सूत्र

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इस संसार में एकमात्र सत्य आत्मा है, दिव्य आत्मा अर्थात ईश्वर।

प्रकृति में अनगिनत परिवर्तन होते रहते हैं, पर आत्मा सदा अपरिवर्तित रहती है। उसका न आदि है, न अंत; वह अमर है।

आत्मा हम सब में विद्यमान है और हमारे हृदय में निवास करती है।

आत्मा को पाने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग स्वयं में ध्यान करना है। ध्यान आत्मा से प्रेम करने की क्रिया है।

यहाँ आत्मा की उपासना होती है। सद्गुरु आत्म मालिक माऊली के साथ इस आनंदमय यात्रा में सभी साधकों का स्वागत है।

दिव्य सूत्र — हिन्दी

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विश्वातील एकमेव सत्य म्हणजे आत्मा, म्हणजेच दिव्य आत्मा किंवा ईश्वर.

निसर्गात अनेक बदल होत असले तरी आत्मा सदैव अचल राहतो. आत्म्याला आरंभ नाही आणि अंत नाही; तो अमर आहे.

आत्मा आपल्या सर्वांच्या हृदयात वास करतो.

आत्म्याची प्राप्ती करण्याचा सर्वात सोपा आणि प्रभावी मार्ग म्हणजे स्वतःमध्ये ध्यान करणे. ध्यान ही आत्म्यावर प्रेम करण्याची कृती आहे.

येथे आत्म्याची उपासना केली जाते. सद्गुरू आत्ममालिक माऊली यांच्या सान्निध्यात या आनंददायी प्रवासासाठी सर्वांचे स्वागत आहे.

दिव्य वचन — मराठी

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